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प्रमुख वैज्ञानिक यन्त्र, उनके नाम एवं कार्य

by mayank
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प्रमुख वैज्ञानिक यन्त्र, उनके नाम एवं कार्य
प्रमुख वैज्ञानिक यन्त्र, उनके नाम एवं कार्य (Image by Freepik)

वैज्ञानिक यन्त्र –

  • अल्टीमीटर (Altimeter) – यह ऊँचाई मापक यन्त्र है जिसका उपयोग विमानों में किया जाता है।
  • ऐमीटर (Ammeter) – इससे विद्युत धारा को मापा जाता है।
  • ऐनीमोमीटर (Anemometer) इससे वायु के बल तथा गति को मापा जाता है। यह वायु की दिशा भी बताता है।
  • ऑडियोमीटर (Audiometer) – यह ध्वनि की तीव्रता को मापता है।
  • ऑडियोफोन (Audiophone) – इसे लोग सुनने में सहायता के लिए कान में लगाते हैं।
  • एयरोमीटर (Aerometer) – यह वायु और गैसों के घनत्व को मापने वाला यन्त्र है।
  • ऐक्टिनोमीटर (Actinometer) – विद्युत चुम्बकीय विकिरण की तीव्रता मापने का यन्त्र है।
  • ऐक्युमुलेटर (Accumulator) – विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने का द्वितीयक सेल/ एक बैटरी |
  • बैरोग्राफ (Barograph) – यह वायुमण्डल के दाब में होने वाले परिवर्तन को लगातार मापता रहता है और स्वतः ही इसका ग्राफ भी बना देता है।
  • बैलिस्टिक गैल्वेनोमीटर (Ballistic Galvanometer) – इसका उपयोग विद्युत आवेश के मापन के लिए किया जाता है।
  • बैरोमीटर (Barometer) – यह उपकरण वायु दाब मापने के काम आता है।
  • बाइनोक्युलर्स (Binoculars) – इससे दूर स्थित वस्तुएं स्पष्ट देखी जा सकती है।
  • कैलीपर्स (Calipers) – इसके द्वारा बेलनाकार वस्तुओं के अन्दर तथा बाहर के व्यास मापे जाते हैं तथा इससे वस्तु की मोटाई भी मापी जाती है।
  • कैलोरीमीटर (Calorimeter) – इससे ऊष्मा की मात्रा मापी जाती है।
  • कार्डियोग्राम (Cardiogram) – इससे हृदय रोग से ग्रसित व्यक्ति की हृदय गति की जांच की जाती है। हृदय गति के ग्राफ को कार्डियोग्राफ या ECG (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफ) कहते हैं।
  • कम्पास नीडल (Compass Needle) – इसके द्वारा किसी स्थान पर उत्तर, दक्षिण आदि दिशाओं का ज्ञान प्राप्त किया जाता है।
  • कारबुरेटर (Carburetter) – इससे अन्तर्दहन, पेट्रोल इंजनों में पेट्रोल तथा हवा का मिश्रण बनाया जाता है।
  • क्रोनोमीटर (Cronometer) – यह एक प्रकार की घड़ी होती है जो जलयानों पर लगी होती है। इसमें सही समय का पता लगता है।
  • क्रेस्कोग्राफ (Crescograph) – पौधों की वृद्धि मापने का यन्त्र ।
  • साइक्लोट्रॉन (Cyclotron) – इस यन्त्र की सहायता से आवेशित कणों (जैसे, प्रोटॉन) को त्वरित किया जाता है।
  • कम्प्यूटर (Computer) – यह एक गणितीय इलेक्ट्रॉनिक यान्त्रिक व्यवस्था है।
  • सिनेमैटोग्राफ (Cinematograph) – छोटी-छोटी फिल्मों को बड़ा करके पर्दे पर लगातार क्रम में प्रक्षेपण (Projection) करने के लिए इस यन्त्र का प्रयोग किया जाता है |
  • कम्यूटेटर ( Cummutator) – इससे किसी परिपथ में विद्युत धारा की दिशा बदली जाती है।
  • साइटोट्रॉन (Cytotrone) – कृत्रिम मौसम उत्पन्न करने में काम आने वाला यन्त्र ।
  • डायनेमोमीटर (Dynamometer) – विद्युत शक्ति को मापने वाला यन्त्र ।
  • डिक्टाफोन (Dictaphone) – अपनी बात तथा आदेश दूसरे व्यक्ति को सुनाने के लिए इस यन्त्र द्वारा रिकॉर्ड किया जाता है।
  • घनत्वमापी (Densitymeter) – इस उपकरण से घनत्व मापा जाता है।
  • डायलेसिस (Dialasis) – यह चिकित्सा विज्ञान की विधि है।
  • डायनेमो (Dynamo) – यान्त्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलने वाला यन्त्र ।
  • इलेक्ट्रिक मोटर (Electric Motor) – विद्युत ऊर्जा को यान्त्रिक ऊर्जा में बदलने वाला यन्त्र ।
  • इलेक्ट्रोस्कोप (Electroscope) – विद्युत आवेश की उपस्थिति का पता लगाने वाला यन्त्र।
  • इण्डोस्कोप (Endoscope) – यह वह यन्त्र है जिसे शरीर के अन्दर प्रवेश कराके अन्दर की रचना एवं विकारों को देखा जाता है।
  • फैदोमीटर (Fathometer) – यह यन्त्र समुद्र की गहराई मापने के काम आता है।
  • गाइगर मूलर काउण्टर (Geiger Muller Counter) – इस उपकरण की सहायता से रेडियोएक्टिव स्रोत के विकिरण की गणना की जाती है।
  • गाइरोस्कोप (Gyroscope) – इस यन्त्र से घूमती हुई वस्तुओं की गति ज्ञात करते हैं।
  • हाइड्रोमीटर (Hydrometer) – इस उपकरण के द्वारा द्रवों का आपेक्षिक घनत्व ज्ञात करते हैं।
  • हाइड्रोफोन (Hydrophone) – यह पानी के अन्दर ध्वनि तरंगों की गणना करने में काम आने वाला उपकरण है।
  • हाइग्रोस्कोप (Hygroscope) – यह वायुमण्डलीय आर्द्रता में परिवर्तन दिखाने वाला यन्त्र है।
  • किमोग्राफ (Kymograph) – यह यन्त्र रक्त चाप (blood pressure), हृदय-स्पन्दन (heart beats) आदि शारीरिक गतियों या कारकों के परिवर्तन का ग्राफ बनाता है।
  • लेक्टोमीटर (Lactometer) – दूध की शुद्धता जाँच करने का यन्त्र। यह यन्त्र दूध का आपेक्षिक घनत्व मापता है जिससे उसमें पानी की मात्रा का पता चलता है।
  • लेसर (Laser) – Light Amplification by Stimulated Emission of Ra- diation-LASER एक ऐसी युक्ति है, जिसमें विकिरण के प्रेरित उत्सर्जन द्वारा एकवर्णी प्रकाश प्राप्त किया जाता है।
  • तड़ित चालक (Lightning Conductor) – यह ऊँची इमारतों के ऊपर सबसे ऊँचे भागों पर लगाया जाता है जिससे तड़ित विद्युत (बादलों की बिजली ) का कोई प्रभाव नहीं पड़ता और इमारतें सुरक्षित रहती हैं।
  • दाबमापी (Manometer) – इससे गैसों का दाब ज्ञात किया जाता है।
  • मैकमीटर (Machmeter) – यह यन्त्र वायु की गति की ध्वनि की गति के पदों में मापता है।
  • चुम्बकत्वमापी (Magnetometer) – यह विभिन्न चुम्बकीय आघूर्णी (moments) तथा चुम्बकीय क्षेत्रों (fields) की तुलना करने के लिए प्रयुक्त किया जाने वाला यन्त्र है।
  • मेसर (Maser) – इसका पूरा नाम Microwave amplification by stimu lated emission of radiation है। यह एक शक्तिशाली एकवर्णी, समान्तरित एवं कला संबद्ध माइक्रो- तरंग किरण-पुंज प्राप्त करने की युक्ति है।
  • माइक्रोफोन (Microphone) – यह यन्त्र ध्वनि तरंगों को विद्युत स्पन्दनों में परिवर्तित करता है।
  • सूक्ष्मदर्शी (Microscope) – बहुत ही सूक्ष्म वस्तुओं या रचनाओं को इस उपकरण द्वारा आवर्धित (magnify) करके देखा जाता है।
  • माइक्रोमीटर (Micrometer) – बहुत छोटे (10-6 मीटर की कोटि के) व्यासों तथा मोटाइयों को मापने वाला यन्त्र ।
  • ओडोमीटर (Odometer) – इससे मोटर गाड़ी की गति को ज्ञात किया जाता है। इसे चक्करमापी भी कहते हैं।
  • ओममीटर (Ohm meter) – यह विद्युत प्रतिरोध को मापने वाला यन्त्र है।
  • ओण्डोमीटर (Ondometer) – यह यंत्र विद्युत चुम्बकीय तरंगों की आवृत्ति को मापता है।
  • पेरिस्कोप (Periscope) – इसके द्वारा जब पनडुब्बी पानी के अन्दर होती है तो पानी की सतह का अवलोकन किया जा सकता है और उसमें बैठे लोग बिना किसी के जाने पर बिना किसी बाधा के बाहरी हलचलों को देख सकते हैं। दीवार के दूसरी ओर ( अपने कमरे में ही बैठे हुए) देखने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है। .
  • पायरोमीटर (Pyrometer) – यह उच्च तापों (high temperatures) को मापने का यन्त्र है, जैसे सूर्य का ताप |
  • फोटोमीटर (Photometer) – यह एक प्रकाशमापी यन्त्र है जिसके द्वारा दीप्ति शक्ति मापी जाती है।
  • पोटेन्शियोमीटर (Potentiometer) – इससे किसी सेल के विद्युत वाहक बल तथा आन्तरिक प्रतिरोध की माप की जाती है।
  • पायक्नोमीटर (Pyknometer) – यह यन्त्र द्रवों के घनत्व तथा प्रसार गुणांक का मापन करता है।
  • पोलीग्राफ (Polygraph) – इस यन्त्र को झूठ का पता लगाने के लिए लाई डिटेक्टर के रूप में प्रयुक्त किया जाता है। यह यन्त्र एक साथ ही कई शारीरिक क्रियाओं के परिवर्तनों को रिकॉर्ड करता है, जैसे हृदय स्पन्दन, रक्त चाप, श्वसन आदि।
  • रडार (Radar) – रेडियो तरंगों द्वारा पास आते हुए वायुयान की दिशा और दूरी को ज्ञात करने के लिए इस यन्त्र का प्रयोग किया जाता हैं। Radio Detection and Ranging का संक्षिप्त रूप RADAR (रडार) है।
  • रेडियो माइक्रोमीटर (Radio Micrometer) – इसके द्वारा ऊष्मीय विकिरण को मापा जाता है।
  • रेडिएटर (Radiator) – यह कारों तथा गाड़ियों के इंजनों को ठण्डा करने वाला उपकरण है।
  • रेडियोमीटर (Radiometer) – इस यन्त्र द्वारा विकिरण ऊर्जा की तीव्रता को मापा जाता है
  • सिस्मोग्राफ (Seismograph ) – इस यन्त्र से पृथ्वी की सतह पर आने वाले भूकम्प के झटकों की तीव्रता का ग्राफ स्वतः ही चित्रित हो जाता है।
  • स्पीडोमीटर (Speedometer) – इससे मोटरगाड़ी की गति मापी जाती है।
  • स्पेक्ट्रोमीटर ( Spectrometer) – इस यन्त्र के माध्यम से विभिन्न प्रकार के स्पेक्ट्रमों का अध्ययन किया जाता है तथा विभिन्न रंगों के तरंग दैर्ध्य (wave-length) को मापा जाता है।
  • स्फिग्मोमैनोमीटर (Sphygmomanometer) – इस यन्त्र का उपयोग धमनी में रक्तदाब की तीव्रता ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
  • स्टीरियोस्कोप (Stereoscope) – यह एक प्रकार का उत्तम वाइनोकुलर है। इससे किसी द्विविमीय चित्र को भली भांति देखा जा सकता है।
  • स्पेक्ट्रोस्कोप ( Spectroscope) – स्पेक्ट्रम को देखने के लिए इस यन्त्र का उपयोग किया जाता है।
  • स्टेथोस्कोप (Stethoscope) – इस यन्त्र का प्रयोग डॉक्टरों द्वारा फेफड़ों तथा हृदय की धड़कनों तथा ध्वनियों को सुनने तथा उनकी व्याख्या करने के लिए किया जाता है।
  • स्ट्रोबोस्कोप (Stroboscope) – तीव्र गति करने वाली वस्तुओं को देखने में प्रयोग किया जाता है ।
  • टैकोमीटर (Tachometer) – इस यन्त्र द्वारा शाफ्ट की गति (विशेषतः वायुयान और मोटरवोट में लगे हुए शाफ्ट), विशेषत: घूर्णन गति, मापी जाती है।
  • दूरदर्शी (Telescope) – इसकी सहायता से दूर स्थित वस्तुएं स्पष्ट देखी जा सकती है।
  • थर्मोस्टेट (Thermostat) – इस यन्त्र के द्वारा ऊष्मा आपूर्ति पर नियन्त्रण करके किसी वस्तु या पदार्थ का तापमान किसी बिन्दु पर नियत कर दिया। जाता है।
  • ट्रान्सफॉर्मर (Transformer) – इसके द्वारा कम या अधिक वोल्टेज की A.C. (Alternate current) को अधिक या कम वोल्टेज की A.C. में बदला जाता है। यह अपचायी ( Step up) एवं उपचायी (Step down) प्रकार का होता है।
  • टेलीप्रिन्टर (Teleprinter) – यह यन्त्र एक स्थान से दूसरे स्थान पर टाइप किए हुए समाचार भेजता है और उनका अभिग्रहण (reception) भी करता है।
  • ट्रान्सपोण्डर (Transponder) – इस यन्त्र का काम है, किसी संकेत (signal) को ग्रहण करना और उसके उत्तर को तुरन्त प्रेषित करना।
  • वेन्चुरीमीटर (Venturimcter) – द्रव के प्रवाह की दर ज्ञात करने का यन्त्र |
  • वर्नियर (Verier) – यह एक पैमाना है जो किसी दिए गए बड़े पैमाने के साथ लगाया जाता है। इससे बड़े पैमाने के एक छोटे भाग (division ) के भी अति सूक्ष्म अंश को मापा जा सकता है।
  • विस्कोमीटर (Viscometer) – यह यन्त्र द्रव की श्यानता (Viscosity) मापता है।
  • वोल्टमीटर (Voltmeter) – यह किन्हीं दो बिन्दुओं के मध्य विद्युत विभवान्तर ज्ञात करने का यन्त्र है।
  • वानडी ग्राफ जेनरेटर (Vande-Graff Generator) – उच्च विभवान्तर उत्पन्न करने वाला यन्त्र ।
  • वाटमीटर (Wattmeter) – विद्युत स्रोत की शक्ति (power) को मापने वाला यन्त्र ।

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